भारत सहित पूरे विश्व में मनाया जा रहा है ‘विश्व आदिवासी दिवस।

*भारत सहित पूरे विश्व में मनाया जा रहा है ‘विश्व आदिवासी दिवस’*

बिलासपुर-पूरे विश्व में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज भारत में 700 से ज्यादा आदिवासी समूह के 10 करोड़ जनता आदिवासी दिवस के रूप में खुशियां मना रहे हैं। जय बुढादेव, जय मुट्ठे बाबा आदि के नारों के साथ लाल तिकोना झंडे जिसमें चांद, सूरज और तारे अंकित है से जगह-जगह पर रैली निकाले गए हैं।

अन्य वर्षों की तुलना में इस वर्ष आदिवासियों के लिए कुछ खास है, विश्व आदिवासी दिवस के 25 वर्ष पूरे होने के कारण इस वर्ष को विश्व आदिवासी स्वर्ण दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। विश्व में आदिवासी बहुल क्षेत्र में आदिवासियों के भोलेपन के फायदे उठाकर उच्च वर्गीय द्वारा उन्हें शोषण होते देख संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 1994 से 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की, साथ ही उन्हें सरकारी सहायता व अलग से थाना तथा न्यायालय की भी स्थापना की गई है। इस वर्ष स्वर्ण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने पहली बार सरकारी छुट्टी की घोषणा की जिससे आदिवासियों में काफी खुशी की अनुभव देखी जा रही है।

वर्तमान देश में 10.4 करोड आदिवासी है, जो भारत के जनगणना अनुसार 8.6% है। आदिवासी दो शब्दों को जोड़कर बनाया गया है आदि और वासी जिसका अर्थ होता है मूलनिवासी। पुरातन लिखो में इन्हें आत्विका और वनवासी भी कहा गया है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने इन्हें गिरीजन के नाम से पुकारते थे जिसका अर्थ होता है पहाड़ पर रहने वाले लोग। भारतीय संविधान में आदिवासियों के लिए अनुसूचित जनजाति पद का उपयोग किया है। भारत के प्रमुख आदिवासी समुदाय में जाट, गोंड, मुंडा, खरिया, बोडो, भील, खासी, संथाल, उड़ाव आदि 700 से अधिक समुदाय मौजूद है। इनका भाषा भी अलग तरह के होते हैं प्रमुखता से भीली, गोंडी, संताली, मुंडारी, हो, खरिया आदि।

बिलासपुर के कांग्रेसी महामंत्री अटल श्रीवास्तव ने कहा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आदिवासी समाज के आर्थिक और सामाजिक विकास उन्नति के लिए अब जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) के पैसे का उपयोग आदिवासियों का जीवन स्तर सुधारने के लिए किया जाएगा। आदिवासी अंचल बस्तर एवं सरगुजा में कनिष्ठ कर्मचारी बोर्ड का गठन की घोषणा की गई, जिससे आदिवासी युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। इसके अलावा टाटा की जमीन वापसी, तेंदूपत्ता मजदूरी, वनोपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी, बस्तर फूड पार्क भोपालपट्टनम में बांस आधारित कारखाना आदि पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा घोषणा किया गया है।

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