गंगेव जनपद में 12 करोड़ की गड़बड़ी वेंडरों के खाते में जारी किए 8 करोड शिकायत पर कलेक्टर ने बैठाई जांच।

जिले में कराधान योजना में नियम-कायदे की अनदेखी….
*गंगेव जनपद में 12 करोड़ की गड़बड़ी वेंडरों के खाते में जारी किए 8 करोड़*
 

शिकायत पर कलेक्टर ने बैठाई जांच लिपिक जिला पंचायत अटैच…..
रीवा। जिले के गंगेव जनपद में 12 करोड़ रुपए के फर्जीवाड़ा सामने आया है। राज्य शासन से पंचायतों के खाते में स्थानांतरित की गई करोड़ों रुपए की विकास निधि में से करीब आठ करोड रुपाए बेंडरों के खाते में जारी कर दिया गया है। पंचायत अमले की मनमानी इस कदर है कि एक वेंडर के खाते में पांच करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि भेजी गई है। कराधान योजना की राशि के भुगतान की जानकारी पंचपरमेश्वर पोर्टल पर सामने आयी है। मामले में शिकायत मिलने पर कलेक्टर ने जांच बैठा दी है। जिले के गरीब जनपद की 37 ग्राम पंचायतों के खाते में कराधान योजना के तहत विकास के लिए राज्य सरकार ने 28 अगस्त 2019 को 12 करोड़ रुपए की राशि स्थानारित की है, जिसमें पंचायतों ने महज तीन दिन के भीतर आठ करोड़ रुपए वेंडरों के खाते में जारी दिया। हैरान करने वाली बात है कि गनेव की करीब 25 पंचायतों के द्वारा बैंडर शिवशक्ति टेडर्स के खाते में एक साथ 5.32 करोड़ रुपए भेजा है। मामले की शिकायत जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के महामंत्री संजय पांडेय ने कलेक्टर से की है। बताया है कि कराधान के तहत जनपद की 37 ग्राम पंचायतों के खाते में 12 करोड़ 39 लाख रुपए राज्य स्तर पर थानारित की गई है। उक्त राशि को 2 से 3 कार्य दिवस के भीतर पंचायतों में बगैर स्टीमेट ब प्रशासनिक स्वीकृति के राशि वेंडरों के खाते में स्थानांतरित कर दी गई है। जिसमें सबसे बड़ी राशि 5.32 करोड़ की शिव शक्ति टेडर्स के खाते में की गई है। शक्ति टेडर्स का संचालक अप्रत्यक्ष रूप से गगेव जनपद कार्यालय का तत्कालीन लिपिक राजेश सोनी है। दो दर्जन से ज्यादा पंचायतों का पासवर्ड लिपिक के पास रहता है। जांच शुरू होने पर लिपिक को जिला पंचायत अटेच कर दिया गया है। उधर, कलेक्टर ने मामले में जांच बैठा दी है। कांग्रेस के महामंत्री की शिकायत के बाद कलेक्टर ने जांच जिला पंचायत कार्यालय को सौंपी है। प्रारंभिक जांच में मामले में नियम-कायदे की अनदेखी कर वेंडरों को भुगतान किए जाने की बात सामने आने लगी है। 

 

*पंचायतों में रोक के बावजूद जारी कर दी गई राशिः
      

 

शासन के आदेश पर पंचायतों में पुराने कार्यों को पूरा कराने के बाद ही नवीन कार्य के लिये राशि जारी की जाएगी। लेकिन गंगेव जनपद में रोक के बावजूद एक साथ 5 से 30 ग्राम पंचायतों में 8 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि जारी कर दी गई। इसकी सूचना से अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है। 

 

*शिकायत पर कलेक्टर पंचायत अमले ने शासन को किया गुमराह* 
             

 

जिले में जनपद पंचायत गंगेव साहित कई अन्य जनपद क्षेत्र में बाजार के नाम पर वसूली की राशि पंचायतों में नियम-कायदे की अनदेखी कर जमा कर दी गई है। पंचायतों के खाते में जितनी राशि से ज्यादा की राशि राज्य व केन्द्र शासन से विकास के लिए जारी होती है। शिकायत में बताया गया कि है कि गंगेव जनपद में मजह तीन बड़े बाजार है, मांगेव. रघुनाथगंज लालगांव और गद, लेकिन नियम- कायदे की अनदेखी कर लिपिक ने 37 ग्राम पंचायतों में राशि जमा कराकर करोड़ रुपए का भुगतान एक साथ कर लिया। नियम-कायदे कराधान योजना के तहत पैसे जमा कराए गए। इसके बाद पंचायतों में बाजार वसूली आदि के तहत फर्जी तरीके से पैसे जमाकर राज्य शासन से एक साथ 12 करोड़ रुपए पंचायतों के खाते में जमा कराए।

vandana