विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्कफोर्स समिति के द्वारा साक्षात्कार के माध्यम से उद्यम स्थापना के इच्छुक लाभार्थियों का चयन किया गया। 

उत्तराखंड चमोली से केशर सिंह नेगी की रिपोर्टिंग

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत गुरूवार को विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे की अध्यक्षता में

जिला स्तरीय टास्कफोर्स समिति के द्वारा साक्षात्कार के माध्यम से उद्यम स्थापना के इच्छुक लाभार्थियों का चयन किया गया। जिले में विभिन्न उद्यमों की स्थापना हेतु 57 आवेदकों ने पीएमईजीपी के तहत आॅनलाइन आवदेन किए थे। समिति ने साक्षात्कार के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का गहराई से परीक्षण करते हुए 37

परियोजनाओं पर 165 लाख धनराशि ऋण स्वीकृति हेतु सहमति दी। साक्षात्कार के दौरान 02 अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र निरस्त किए गए जबकि 18 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। कमेटी द्वारा स्वीकृत ऋण आवेदनों को दो कार्यदिवस के भीतर संबधित बैंकों को प्रेषित किया जाएगा। सभी चयनित अभ्यर्थी अपने लाॅगिन आईडी पर लाॅगिन कर अपने ऋण आवेदनों का स्टेटस प्राप्त कर सकते है।  पीएमईजीपी के तहत जिले में सिलाई, बुनाई,

रेडीमेड गारमेंन्टस, डीजे-टैन्ट हाउस, हथकरघा-हस्तशिल्प, रेस्टोरेंट, आटा चक्की, ढाबा, होटल, बेकरी, फोटोशाॅप, व्यूटी पार्लर आदि उद्यमों की स्थापना के लिये आवेदन किए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने बैकर्स को स्वीकृत आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए ऋण आवंटित करने के निर्देश भी दिए।

जिला उद्योग केन्द्र के प्रबन्धक विक्रम सिंह कुंवर ने बताया कि पीएमईजीपी भारत सरकार का सब्सिडी युक्त कार्यक्रम हैं। पीएमईजीपी के तहत आवेदक को उद्यम की लागत का 5 प्रतिशत अपने अंशदान के साथ शहरी क्षेत्रों में केन्द्र सरकार से 25 प्रतिशत अनुदान तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 35 प्रतिशत अनुदान राशि उपलब्ध कराई जाती है। बताया कि व्यवसाय/सेवा क्षेत्र के तहत परियोजना/इकाई की अधिकतम स्वीकार्य राशि 10 लाख रूपये है तथा विनिर्माण क्षेत्र के तहत परियोजना/इकाई की अधिकतम स्वीकार्य राशि 25 लाख रूपये तक है।

इस अवसर पर एलडीएम गबर सिंह रावत, एसबीआई के मुख्य प्रबन्धक प्रताप सिंह राणा, जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी केपी बडोला, पीएनबी मैनेजर भारती बड़पाल, सहायक प्रबन्धक समाज कल्याण बीएस बिष्ट आदि उपस्थित थे।

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