नाला के ऊपर बन रही व्यवसायिक ईमारत रेरा के नियमो का खुल्ला उल्लंघन…?

नाला के ऊपर बन रही व्यवसायिक ईमारत रेरा के नियमो का खुल्ला उल्लंघन

 

बिलासपुर—:यधुनंदन नगर से लेकर उसलापुर और उसके आगे तक बिलासपुर शहर का बरसाती पानी निकालने का प्राकृतिक नाला है गोकने नाले के किनारे कही निजी जमीन है तो कही सरकारी जमीन भी है इस नाले के किनारे बहुत सी जमीनों पर भूमाफिया के कब्जे हो चुके है जिनमे से कुछ ने पटवारी नक़्शे में छेड़खानी कर के जमीनों को वैधता भी दिला ली है.इन दिनों उसलापुर रोड़ पर दैजा मोड़ के समीप इसी नाले पर एक व्यवसायिक बहुमंजिला ईमारत का प्रस्तावित काम चल रहा है नाले कि चौड़ाई और प्रस्तावित काम्प्लेक्स कि कुल भूमि को देखकर ही यह नजर आता है कि उक्त निर्माण कार्य में भूमि मद परिवर्तन कि शर्तो का या तो उल्लंघन हो चुका है अथवा होने वाला है नियम यह कहता है कि नाले से 30 फिट दूरी से ही डायवर्सन का निर्देश है किन्तु इस निर्देश पर कठोरता से पालन नही होता डायवर्सन का रास्ता यह निकाला जाता है कि संबंधित एसडीएम पटवारी कि रिपोर्ट बुलाता है और भूमि का मद परिवर्तन कर देता है सीधा सा अर्थ है कि पटवारी कि रिपोर्ट देखकर एसडीएम चिढिया बैठालता है गोकने नाले पर प्रस्तावित इस व्यवसायिक काम्प्लेक्स का अभी मद परिवर्तन हुआ ही नही है किन्तु प्रीलौन्चिंग बुकिंग ली जा रही है जो कि रेरा के निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है प्रस्तावित निर्माण स्थल पर प्रोजेक्ट कि कोई भी औपचारिक शासकीय सुचना दर्ज नही है जो कि रेरा के अनुसार होना चाहिए इससे तो यही लगता है कि बिलासपुर में रेरा और उसके नियम प्रभावशाली नही है गौरतलब है कि यह क्षेत्र निगम सीमा के अंदर है और निगम कि भवन शाखा में जो अधिकारी बैठे है वे तो गौठान कि जमीन पर भी मल्टी स्टोरी काम्प्लेक्स का नक्शा पास कर देते है 

vandana