कांग्रेसी नेताओं के ट्रस्ट अवैध तरीके से खा रहे नजूल की जमीन चितानी मितानी का नया कारनामा।

कांग्रेसी नेताओं के ट्रस्ट अवैध तरीके से खा रहे नजूल की जमीन चितानी मितानी का नया कारनामा

बिलासपुर :- कांग्रेस के नेताओं से शहर को उम्मीद थी पर भी सौ प्रतिशत खरे उतर रही है दैहिक शोषण के फरार आरोपी, ब्याज खोर, भू माफिया, सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा जैसे सब कामों में कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेताओं पर समान आरोप लग रहें है. और इसी बात के लिए शहर के पूर्व विधायक अमर अग्रवाल ने जनता को चेताया चितानी प्रसाद मितानी प्रसाद दुबे स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पास पुराना बस स्टैंड राजीव प्लाजा के सामने की और एवं विद्यानगर जाने वाले मार्ग पर बेशकीमती जमीन है ट्रस्ट के कब्जे में जितनी जमीन है उसी के भीतर निगम के साथ  ही साथ कुछ अन्य लोगों की जमीन भी गुम गई है समय-समय पर गुम जमीने के लिए जांच दल बना 1 हफ्ते में जांच रिपोर्ट पेश करने की बात कही गई पर विभागीय असंतुलन के कारण प्रतिवेदन प्राप्त नहीं हुए ट्रस्ट ने हल्का नंबर 36 रकबा 0.32 40  , 81 डिसमिल मे से लगभग आधा एकड़ पर एक व्यावसायिक कांप्लेक्स का निर्माण हो रहा है इस निर्माण को लेकर कॉलेज के संचालक संजय दुबे और निगम आमने-सामने हैं अब यह बात गुप्त नहीं है कि राजस्व विभाग का हल्का पटवारी में की संजय दुबे को निगम की बेशकीमती जमीन हजम कर जाने का मंत्र बताया है पटवारी के मंत्र पर भरोसा करके ट्रस्ट ने व्यावसायिक परिसर बनाने का खेल खेला है  इस तरह राजीव प्लाजा के दोनों ओर जमीनी विवाद बन गया है असल में शहर का भूमाफिया इस क्षेत्र की जमीनों पर तभी से गिद्ध दृष्टि लगा कर बैठा था जब यहां पर बस स्टैंड और राज्य परिवहन का डिपो बना बाद में इस क्षेत्र से बस स्टैंड विस्थापित हुआ राज परिवहन बंद हुआ तो डिपो भी बंद हुआ और 2001 के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री ने भू माफिया पर लगाम करते हुए निगम के खाते में राजीव प्लाजा को उपहार में डाला हालाकी जोगी जी की विदाई के साथ ही बीजेपी के बड़े नेताओं ने इस व्यावसायिक कॉन्प्लेक्स के आरक्षण में खूब मनमर्जी की 2001 से लेकर आज तारीख तक सीएमडी प्रबंधन ने अपनी खाली पड़ी जमीनों पर खूब सारी व्यवसायिक, सांस्कृतिक , राजनैतिक गतिविधियां की और इसके आड़ में  व्यवस्थापिका,  न्यायपालिका, कार्यपालिका व मीडिया का भरपूर प्रबंधन किया  इसी दम पर अब इस चेहरा बदलू नेता ने निगम की जमीन दवा लेने की हिम्मत की है देखने लायक होगा कि नगर निगम के महापौर जो जुझारू पूर्वक टिके हैं निगम की जमीन को चेहरा बदलू नेता के पंजे से कैसे बचा पाएंगे
vandana