जिले का पहला उप चुनाव होगा जोगी के चेहरे पर कांग्रेस के माथे पर पड़ी चिंता की लकीर

जिले का पहला उप चुनाव होगा जोगी के चेहरे पर कांग्रेस के माथे पर पड़ी चिंता की लकीर

बिलासपुर :-  नए जिले मरवाही पेंड्रा में विधानसभा चुनाव का इतिहास उपचुनाव से शुरू होगा  यह सीट छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन से खाली हुई वह वर्ष 2018 में संपन्न विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में चुने गए थे और उनका चुनाव चिन्ह हल चलाता किसान था मरवाही अविभाजित मध्यप्रदेश के वक्त भाजपा की झोली में थी और वहां रामदयाल उईके के विधायक थे 2001 में उन्होंने मुख्यमंत्री अजीत जोगी के लिए यहां से इस्तीफा दे दिया और तभी से जोगी मरवाही के कमियां हो गए वर्तमान में यह सीट को जीतने के लिए राज्य के तीनों राजनैतिक दल कांग्रेस, भाजपा और छजकां अपने तैयारी कर रहे हैं  कांग्रेस की सरकार है तो सीएम और प्रदेश अध्यक्ष को लगता है कि मरवाही फतह हो जाए  बीजेपी अपनी ओर से गंभीरता इसलिए दिखाती है कि अभिजीत मध्यप्रदेश के वक्त यह सीट उन्हीं के कब्जे में थी और इस सीट पर नेता प्रतिपक्ष नंदकुमार साय तक को पार्टी ने मैदान में उतारा किंतु जीत न पाए इन दिनों जोगी कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता कांग्रेस प्रवेश के चक्कर में हैं  वहीं चुनाव के पूर्व कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जो भाजपा में चले गए थे और तानाखार में चुनाव हार गए  वे फिर से वापसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं   कांग्रेस में भी यह मानने वालों की कमी नहीं की वह उईके आने से मरवाही में कांग्रेस मजबूत होती है किंतु इन सब बातों से हटकर सबसे बड़ा तथ्य यह है कि जोगी जी ने मरवाही के नागरिकों के दिल पर राज किया है राजनीतिक दल से हटना हटाना आना-जाना अपनी जगह है पर जनता के दिल से  उनके नेता को हटाना कठिन काम है लिहाजा जोगी परिवार की राजनीति को मरवाही से हटाना दुष्कर काम है उपचुनाव में किस पार्टी से कौन उम्मीदवार होगा यह तो भविष्य के गर्भ में है किंतु कांग्रेस भाजपा अपनी गतिविधियां वहां तेज कर दी है कांग्रेसमें असंतोष के सूर्य भी उठ रहे हैं और छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस ने तो एक-दो दिन नहीं पूरे 15 रोज मरवाही में राजनीति की है और अलग-अलग कार्यक्रमों से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने जो दूरी बनाई वह बड़ी राजनैतिक भूल सिद्ध होगी..
vandana