मस्तूरी क्षेत्र में 2 थानों का स्टाफ मिलकर चला रहा व्हाट्सएप गेम।

मस्तूरी क्षेत्र में 2 थानों का स्टाफ मिलकर चला रहा व्हाट्सएप गेम

जेल मैनुअल की चिंता न पुलिस के कायदे कानून
बिलासपुर :- मस्तूरी थाने का  कुछ स्टाफ और पचपेड़ी का स्टाफ  मिलकर जेल पहुंचे हुए अभियुक्तों के साथ धन वसूली के खेल में लगे हैं इस टीम के कारनामे शायद दवे रहते यदि एक पत्रकार इनका शिकार ना बनता दोनों थाने का मिलाजुला स्टाफ कमलेश शर्मा, डोमेन सोम और धीरज कश्यप इन दिनों जेल नियमों की अनदेखी कर अंदर की फोटो को वायरल करते हैं इतना ही नहीं यही स्टाफ थाने की प्रेस विज्ञप्ति को भी बना कर डाल देता है जबकि ऐसी विज्ञप्ति में ना तो थानेदार का हस्ताक्षर होता है ना ही किसी जिम्मेदार का व्हाट्सएप पर कमलेश शर्मा ऐसी विज्ञप्ति को एक ग्रुप विशेष में डालता है कथित प्रेस विज्ञप्ति के स्क्रीनशॉट को पढ़ने पर समझ आता है कि कैसे एक दैनिक अखबार के ब्यूरो हेड को पहले फर्जी पत्रकार कहा गया और बाद में उसके अखबार के नाम के साथ उसका पदनाम लिखा गया विज्ञप्ति की फोटो और भाषा में प्रार्थी ने जो कहा उसका उल्लेख है और व्हाट्सएप मेसेज में उसे गायब कर दिया गया है विज्ञप्ति का कोई वैधानिक स्टेटस नहीं है क्योंकि इसे जारी करने वाले का हस्ताक्षर व पदनाम नहीं है ऐसी पुलिस विज्ञप्ति थाने से कौन जारी कर रहा है इस संदर्भ में पचपेड़ी थाना टीआई ने कहा कि विज्ञप्ति में किसी का पद नाम नहीं होता जारी करने वाले के हस्ताक्षर भी नहीं होते  जब उनसे यह पूछा गया कि 23 जून की पत्रकार की गिरफ्तारी पर जो विज्ञप्ति पंचपेडी थाने से जारी हुई उसे कमलेश शर्मा नाम के सिपाही ने उसे वायरल किया है तब उन्होंने कहा कि वह पचपेड़ी थाने का स्टाफ नहीं है कुल मिलाकर यह बात कही जा सकती है कि दोनों थाने का स्टाफ अपने अधिकारियों के नियंत्रण के बाहर है और सोशल मीडिया  में  मनमर्जी की गतिविधियां कर रहा है और उन्हें इस बात से कोई सरोकार नहीं की पुलिस मैनुअल इस संदर्भ में क्या दिशानिर्देश रखता है….
vandana