*मुरूम के दलाल ग्राम पंचायतों में जाकर अवैध तरीके से करवाता है खनन…*
*मुरूम के दलाल ग्राम पंचायतों में जाकर अवैध तरीके से करवाता है खनन…*
बिल्हा. जल संरक्षण एवं सिंचाई के लिए बनाए गए बांध एवं तालाबों को मुरुम के लिए बेतरतीब तरीके से खोदा जा रहा है। ग्राम रहगी, चकरभाटा, धमनी, मुढ़ीपार, भैसबोड में यह खनन किया जा रहा है। ठेका कंपनियों का कहना है कि वे जल संसाधन एवं खनिज विभाग की अनुमति लेकर खनन कर रहे हैं, लेकिन विभाग के जिम्मेदार मौके का निरीक्षण नहीं कर रहे हैं। रेल लाइन का कार्य करने वाली ठेका कंपनियां बांध और तालाबों को मशीनों से खोद रही है। इससे बांध और तालाबों की उपयोगिता प्रभावित होने की स्थिति है। साथ ही आने वाले दिनों में बांधों में टेल एरिया में अधिक जलभराव होने की स्थिति बन रही है।
पर्यावरण मंडल देता है डेम की खुदाई के लिए अनुमति
जानकारी के अनुसार तालाब की खुदाई के लिए अनुमति देने का अधिकार न जलसंसाधन विभाग के पास है ना खनिज विभाग के पास। ठेका कंपनी को पर्यावरण मंडल से अनुमति लेनी थी, जो नहीं ली गई। इस पर जिला खनिज अधिकारी कहता हैं कि ठेका कंपनी ने अनुमति खनिज व जलसंसाधन विभाग से ली है। पर्यावरण मंडल से नहीं ली है। छोटा खनन होने के कारण इसकी जरूरत नहीं थी। अब तक दोनों विभाग ने मौके पर जाकर स्थिति का आकलन नहीं किया है।
पर्यावरण मंडल देता है डेम की खुदाई के लिए अनुमति
जानकारी के अनुसार तालाब की खुदाई के लिए अनुमति देने का अधिकार न जलसंसाधन विभाग के पास है ना खनिज विभाग के पास। ठेका कंपनी को पर्यावरण मंडल से अनुमति लेनी थी, जो नहीं ली गई। इस पर जिला खनिज अधिकारी कहता हैं कि ठेका कंपनी ने अनुमति खनिज व जलसंसाधन विभाग से ली है। पर्यावरण मंडल से नहीं ली है। छोटा खनन होने के कारण इसकी जरूरत नहीं थी। अब तक दोनों विभाग ने मौके पर जाकर स्थिति का आकलन नहीं किया है।
चैन माउंटेन मशीन से कर रहे रहगी मुढ़ीपार धमनी चकरभाटा
चकरभाटा मुढ़ीपार् धमनी तेलसरा के एक छोर की धड़ल्ले से खुदाई की जा रही है। इसके लिए चैन माउंटेन व अन्य उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। पहले तालाब की मिट्टी व मुरुम की खुदाई सड़क के लिए हो रही थी। अब रेलवे लाइन के कामों के लिए भी मुरुम को बेचा जा रहा है। खनिज विभाग के अनुसार ठेका कंपनी को 20 हजार घनमीटर मुरुम खनन की अनुमति दी गई है। जल संसाधन विभाग ने भी खनन की अनुमति दी है। लेकिन दोनों विभाग के जिम्मेदार तय शर्तों के विपरीत हो रही खुदाई को झांक भी नहीं रहे हैं। अंधाधुंध खनन के कारण तालाब का गहरी करण अधिक गहरा हो चुका है। इससे तालाब के मूल स्वरूप को भी नुकसान पहुंचेगा। एसडीएम ने बताया कि तालाब की खुदाई में अनियमितता बरती गई है। मुआयना कर ठेका कंपनी को नुकसान को सुधारने कहा जाएगा।
तालाबों को भी खतरनाक ढंग से खोद रहे
कम बारिश होने के कारण जिले के तालाब व पोखर सूखने की स्थिति में है। इसका फायदा उठा कर सड़क व रेल निर्माण की ठेका कंपनी मशीनों से इसकी खुदाई कर रही है। यह सब सांठगांठ से किया जा रहा है। मामले के जानकार एक ग्रामीण कि बताया तालाबों को खतरनाक ढंग से खोदा जा रहा है। जलभराव होने पर वह जानलेवा हो सकता है। जिले के ग्राम चकरभाठा, मुढ़ीपार रहगी में तालाब खनन जारी है। बाई पास रोड मे एक तालाब. हैं जो मुड़ीपार के अतर्गत आता उसमे भी अंधाधुंध खनन किया जा रहा है।
खनिज विभाग की कार्रवाई नाम मात्र
खनिज विभाग ने 42 दिनों में नाम मात्र की कार्रवाई की है। मई अप्रेल में ईंट निर्माण के प्रकरण, पत्थर परिवहन के प्रकरण बनाए गए हैं। जून में अब तक प्रकरण बनाए गए हैं। एक मुरुम खनन और कई अवैध रेत भंडारण का है। मई में अवैध परिवहन के तहत ईंट परिवहन, मुरुम परिवहन, पत्थर परिवहन लालच…करण बनाए गए। जून में रेत, गिट्टी, ईंट परिवहन के मामले बनाए गए हैं।
रेलवे लाइन बनाने वाले ठेकेदार ने एक ऐसे दलाल को मुरूम खुदाई के लिए रखा है जो गांव-गांव में जाकर सरपंचों को पैसे की लालच देकर मुरूम खुदाई करवा रहा है मुरूम तालाब कहता है कि एसडीएम और तहसीलदार के अनुमति से खुदाई किया जा रहा है
