
बेमेतरा 09 जनवरी 2026:- 01 जनवरी 2026 को दैनिक समाचार पत्र दैनिक भास्कर में प्रकाशित समाचार में मातृ एवं शिशु चिकित्सालय एवं जिला चिकित्सालय बेमेतरा से संबंधित कुछ तथ्यों को भ्रामक एवं अपूर्ण रूप में प्रस्तुत किया गया है। उक्त समाचार के संबंध में वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना आवश्यक है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बेमेतरा द्वारा अवगत कराया गया है कि मातृ एवं शिशु चिकित्सालय भवन के ड्रेनेज सिस्टम में निर्माण अवधि के दौरान तकनीकी त्रुटि पाई गई थी, जिसके कारण ड्रेनेज लेवल असंतुलित होने से परिसर में जलभराव की स्थिति निर्मित होती है। इस समस्या की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को जिला चिकित्सालय निरीक्षण के दौरान दी गई थी। समस्या के स्थायी समाधान हेतु सीजीएमएससी (CGMSC) के माध्यम से सुधार कार्य का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अंतर्गत कार्यालयीन पत्र क्रमांक जि.चि./2025/340 बेमेतरा दिनांक 18 फरवरी 2025 द्वारा 65.41 लाख रुपये का प्राक्कलन राज्य नोडल एजेंसी आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, रायपुर को प्रेषित किया जा चुका है।
इसी प्रकार, जिला चिकित्सालय बेमेतरा में संचालित कैंटीन/दाल-भात केंद्र के संबंध में स्पष्ट किया गया है कि कार्यालयीन पत्र क्रमांक अ.प्र./निविदा/2024/652 बेमेतरा 13 मार्च 2024 के माध्यम से निविदा शर्तों के अंतर्गत संबंधित फर्म को कार्यादेश जारी किया गया था। तत्पश्चात 28 अक्टूबर 2025 को संचालक द्वारा दाल-भात केंद्र बंद किए जाने की सूचना कार्यालय को दी गई। वर्तमान में नवीन निविदा प्रक्रिया प्रचलन में होने के कारण दाल-भात केंद्र अस्थायी रूप से बंद है।
समाचार में गार्डन के संबंध में लगाए गए आरोपों पर स्पष्टीकरण देते हुए बताया गया है कि मातृ एवं शिशु चिकित्सालय बेमेतरा के सामने स्थित गार्डन पूर्णतः क्रियाशील है, जो बच्चों एवं परिजनों के अनुकूल है तथा इसका नियमित उपयोग किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, चिकित्सकों की उपस्थिति को लेकर प्रकाशित शिकायतों को तथ्यहीन बताते हुए स्पष्ट किया गया है कि जिला चिकित्सालय बेमेतरा में पदस्थ एवं कार्यरत सभी चिकित्सा अधिकारी नियमानुसार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। चिकित्सकों की उपस्थिति एवं समयपालन की सतत निगरानी आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के माध्यम से की जा रही है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बेमेतरा ने स्पष्ट किया है कि आमजन को भ्रमित करने वाले अपूर्ण तथ्यों के आधार पर प्रकाशित समाचारों से वास्तविक स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। अतः उपरोक्त तथ्यों के आधार पर यह आधिकारिक खंडन जारी किया जा रहा है।
